सामाजिक एकता
समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को एक संयुक्त मंच पर जोड़ना तथा पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करना।
धर्म की रक्षा करने वाला स्वयं धर्म द्वारा रक्षित होता है।
सामाजिक एकता, स्वालंबन, शिक्षा, संस्कार, जनकल्याण और युवा शक्ति के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए एक संयुक्त मंच।
मनुस्मृति का यह आदर्श वाक्य सभी हिन्दुओं के लिए प्रासंगिक है किन्तु ब्राह्मणों के लिए गुरुत्तर उत्तरदायित्व है।
धर्म को शक्ति देकर ही हम पुनः शक्तिशाली बन सकते हैं और समाज की रक्षा कर सकते हैं। “आज का ब्राह्मण कल का दलित है” यह किसी ब्राह्मण या भारतीय ने नहीं, फ्रांसीसी पत्रकार फ्रेंकोइस गौटियर ने कहा। उनका शोध पत्र पढ़कर किसी का भी हृदय द्रवित हो जाएगा। वास्तविक स्थिति तो और भी खराब है। इसलिए एक और ब्राह्मण संगठन बनाने की आवश्यकता पड़ी।
सामाजिक एकता, स्वाभिमान, शिक्षा, संस्कार और स्वालंबन के माध्यम से समाज को सशक्त बनाना।
समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को एक संयुक्त मंच पर जोड़ना तथा पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करना।
समाज के सदस्यों में आत्मविश्वास, स्वाभिमान, स्वरोजगार और आर्थिक स्वालंबन की भावना को प्रोत्साहित करना।
शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपरा और मूल्यों से जोड़ना।
युवाओं को सकारात्मक दिशा, नेतृत्व और समाजहित में सक्रिय योगदान के अवसर उपलब्ध कराना।
नारी सम्मान, उत्थान और समाज में उनकी गरिमापूर्ण एवं सशक्त भूमिका के लिए प्रयास करना।
जनकल्याण और सामाजिक सहयोग की भावना के साथ जरूरतमंदों तथा समुदाय के हित में कार्य करना।
सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्॥
— सब सुखी हों, सब निरोग हों और सभी मंगल देखें।संगठन के उद्देश्य और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित नेतृत्व।
संगठन के उद्देश्यों और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित।
समाज सेवा, जनकल्याण और संगठनात्मक गतिविधियों में योगदान।
शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता के लिए योगदान।
समाज के स्वालंबन और युवा शक्ति के मार्गदर्शन में योगदान।
सामाजिक एकता, स्वालंबन, शिक्षा, संस्कार, जनकल्याण और समाज के उत्थान के प्रयासों में अपना योगदान दें।
आइए, एक मजबूत और संगठित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
सामाजिक एकता और सहयोग
स्वालंबन एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहन
शिक्षा एवं संस्कार
युवा शक्ति का मार्गदर्शन
जनकल्याण एवं सामाजिक सेवा
वैवाहिक एवं सामाजिक सहायता
समाज के परिवारों को योग्य जीवनसाथी की तलाश में सहयोग प्रदान करने का एक सामाजिक प्रयास।
वैवाहिक सहायता ABUP के सामाजिक प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारा उद्देश्य परिवारों को उचित परिचय और सहयोग का माध्यम उपलब्ध कराना है।
विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का संबंध है। इसी भावना के साथ यह पहल समाज के लिए उपयोगी मंच प्रदान करने का प्रयास करती है।
Matrimonial Enquiry →विवाह योग्य परिवारों के बीच परिचय का माध्यम।
विवाह संबंधी आवश्यक जानकारी और सामाजिक सहयोग।
परिवार और संस्कारों को महत्व देने वाली वैवाहिक पहल।
ABUP से जुड़ने, सदस्यता, सामाजिक कार्य, वैवाहिक सहायता या अन्य जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें।